8 चक्रों से संबंधित हैं यह 10 बीमारियां (Diseases) Swami Ramdev
[संगीत] देखो मैं 10 बीमारियां बताता हूं आठ चक्रों से संबंधित सारे संसार में कोई आदमी नहीं कहता कि 100% इनफर्टिलिटी ठीक होती है और बिना किसी बाह्य इंटरप्शन के कौन आता है यह आदमी चारों तरफ आदमी को पागल बना रखा है लूटपाट करने के लिए मैं कहता हूं 99 पर तुमको किसी भी प्रकार की किसी भी कारण से इनफर्टिलिटी है आपके स्पर्म की क्वालिटी अच्छी नहीं है स्पर्म बनता नहीं है कम बन है उसके स्पर्म का क्वालिटी उसकी स्पीड उसकी स्ट्रेंथ उसका स्ट्रक्चर जो भी है पूरा 100% अच्छा होगा टेस्टिकल्स में स्पर्म बनते हैं और बनने के बाद में जो उसके पूरी जो प्रक्रिया है मूलाधार से लेकर के मूलाधार चक्र भी ठीक होना चाहिए यदि आपका मूलाधार चक्र ठीक नहीं है तो आप एक अच्छे बाप नहीं बन सकते बच्चे तो पैदा हो जाएंगे कमजोर बच्चे पैदा करोगे तो पहले और सेक्सुअल डिसऑर्डर्स होंगे योन दृष्टि से तुम कभी संतुष्ट नहीं हो सकते फिर मूलाधार के बाद स्वाधिष्ठान चक्र भी ठीक होना चाहिए उसके बाद मणिपुर चक्र भी ठीक होना चाहिए जिनका पाचन कमजोर होता है वह कभी भी पुरुषों में पौरुष पूरा पुरुषत्व पूरा हो ही नहीं सकता बात छटी य ठीक नहीं कपाल भाति [संगीत] करो य इस ये बस्ती क्रिया से मूलाधार ठीक होता है स्वाधिष्ठान ठीक होता है मणिपुर चक्र ठीक होता है और इसी से हृदय चक्र ठीक होता है इससे तुम्हारा स्वसन तंत्र ठीक होता है इससे विशुद्धि चक्र ठीक होता है हृदय चक्र विशुद्धि चक्र इससे आज्य चक्र भी ठीक होता है मेधा से करते हैं इसी से भृकुटी और सहस्रार चक्र अच्छा होता है इनफर्टिलिटी दूर होगी बस्ती करने से बताओ मूलबंध लगाने से कपाल भाति करने से बाह्य प्राणायाम करने से फिर इसी को सपोर्ट करता है अनुलोम विलोम उसमें ड़ा पिंगला सुसुम तीन में प्राण का प्रवेश हो जाता है तो भस्त्रिका करा के कपाल भाती करा के फिर बाह्य प्राणायाम उज्जाई करा के फिर अनुलोम विलोम कराते फिर ब्राह्मण गीत कराते उसका विशेष असर हमारे भृकुटी सहस्रार पर आज भृकुटी और सहस्रार पर विशेष रूप से ब्राह्मण उद् गीत और ओंकार जप का असर होता है यह सारी प्रक्रिया ही है
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