तोरा मन दर्पण कहलाए Swami Ramdev Hindi Bhajan
[संगीत] तोरा मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए भले बुरे सारे कर्मों को भले पूरे सारे कर्मों को देखे और दिखाए तोरा मन दर्पण कलाए तोरा मन दर्पण [प्रशंसा] कहलाए मन ही देवता मन ही ईश्वर मन से बड़ा ना कोई मन ही देवता मन ही ईश्वर मन से बम को मन उज आरा जब जब फैले जग उजियारा हो जग से चाहे भाग ले प्राणी जग से चाहे भागले प्राणी मन से भाग ना पाए तेरा मन दर्पण कहलाए तेरा मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए हम जग से चाहे भाग ले कोई जग से चाहे भाग ले कोई अरे मन से भाग ना पाए तोरा मन दर्पण कहलाए [संगीत] [प्रशंसा] सुख की कलिया दुख के कांटे मन सबका आधार सुख की कलिया दुख के काटे मन सबका [संगीत] आधार सुख की कलियां दुख के कांटे मन सबका [प्रशंसा] आधार मन से कोई बात छिपे ना मन के नन हजार इस उजले दर्पण पर प्राणी इस उजले दर्पण पर प्राण ूल न जम में पाए तोरा मन दरपन [संगीत] कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए इस उजले दरपन पर प्राणी इस उछले दरपन पर प्राणी अरे धूल ना जमने पाए तोरा मन मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए भले बुरे सारे कर्मों को भले बुरे सारे कर्मों को देखे और दिखाए रा मन दर्पण कहलाए रा मन दर्पण कहलाए रा मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहलाए तोरा मन दर्पण कहला [संगीत]
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